उत्तराखंड राशन कार्ड 2026: नया कार्ड, ज़रूरी कागज़, नाम जोड़ना, ट्रांसफर और ऑनलाइन जानकारी

✓ जानकारी जांची गई: 4 अक्टूबर 2026

सीधा जवाब

उत्तराखंड में राशन कार्ड खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग बनाता है। शहर में ज़िला पूर्ति कार्यालय (DSO) और गांव में खंड विकास (BDO) कार्यालय में मुफ्त फॉर्म भरकर आवेदन होता है; पूर्ति निरीक्षक घर जाकर जांच करता है और कार्ड की फीस ₹5 है। ऑनलाइन आवेदन के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल राज्य के RCMS पोर्टल (rcmspds.uk.gov.in) का लिंक देता है।

फीस
₹5 (नया, संशोधन, डुप्लीकेट, सरेंडर)
कार्ड की अवधि
5 साल; खत्म होने के बाद 2 महीने में रिन्यूअल
राज्य में कार्ड
13.83 लाख (AAY 1.83 लाख, PHH 11.99 लाख)
हेल्पलाइन
1800-180-2000, 1800-180-4188

🏪 राशन कार्ड फॉर्म खुद न भर पाएं तो नज़दीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर भरवाएं: उत्तराखंड के CSC सेंटर · अपने पास का CSC

उत्तराखंड में राशन कार्ड के प्रकार

विभाग के अनुसार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA: AAY + PHH) और राज्य खाद्य योजना (SFY) चलती है।

कार्डकिसके लिएअनाज (NFSA कानून के अनुसार)
अंत्योदय अन्न योजना (AAY)सबसे गरीब परिवार35 किलो प्रति परिवार हर महीने
प्राथमिक परिवार (PHH)राज्य द्वारा चिह्नित पात्र परिवार5 किलो प्रति व्यक्ति हर महीने
राज्य खाद्य योजना (SFY)NFSA से बाहर के परिवार, राज्य योजना के तहतराज्य सरकार के आवंटन के अनुसार

आपके कार्ड पर इस महीने कितना अनाज मिलेगा, यह NFSA पोर्टल के उत्तराखंड पेज पर "Know Your Ration Entitlement" रिपोर्ट (FEAST उत्तराखंड) में देख सकते हैं।

नए राशन कार्ड के लिए ज़रूरी कागज़

विभाग की वेबसाइट पर दी गई सूची (जिस पर लागू हो):

  • पते का प्रमाण: पानी, बिजली या टेलीफोन का बिल
  • किराए पर रहते हैं तो किराए की रसीद
  • दूसरे शहर/ग्राम पंचायत से आए हैं तो पुराने इलाके का सरेंडर सर्टिफिकेट और पिछले निवास का राशन कार्ड
  • सरकारी/अर्ध-सरकारी कर्मचारी: संस्था प्रमुख से पता और परिवार के सदस्यों की संख्या का प्रमाण
  • पंजीकृत औद्योगिक संस्थान के कर्मचारी: संस्था प्रमुख/रिपोर्टिंग अधिकारी से पता और सदस्यों की संख्या का प्रमाण
  • शहर में पढ़ रहे छात्र: संस्था प्रमुख से पढ़ाई और रहने के पते का प्रमाण
  • परिवार के मुखिया का फोटो (कार्ड पर लगता है)

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 13 के अनुसार NFSA राशन कार्ड में परिवार की 18 साल या उससे बड़ी सबसे बुज़ुर्ग महिला परिवार की मुखिया होती है। ऐसी महिला न हो तो सबसे बड़ा पुरुष सदस्य मुखिया होता है।

नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं

कदमशहर (Urban)गांव (Rural)
1. फॉर्मज़िला पूर्ति कार्यालय (DSO) के काउंटर पर मुफ्त; विभाग की वेबसाइट से भी डाउनलोडखंड विकास कार्यालय (BDO) में मुफ्त; वेबसाइट से भी डाउनलोड
2. जमाकागज़ लगाकर DSO कार्यालय के लिपिक कोBDO कार्यालय में ग्राम पंचायत अधिकारी (GPO) को
3. पावतीलिपिक जांचकर पावती देता है और आवेदन पूर्ति निरीक्षक (SI) को भेजता हैGPO जांचकर पावती देता है
4. जांचSI कागज़ जांचता है और घर जाकर सत्यापन करता हैघर जाकर विवरण का सत्यापन
5. कार्डमंज़ूरी के बाद कार्ड बनता है, यूनिट तय होती हैं, मुखिया का फोटो लगता है और नज़दीकी राशन दुकान (FPS) से जोड़ा जाता हैGPO कार्ड बनाता है और नज़दीकी FPS से जोड़ता है
6. डिलीवरीपावती दिखाने पर लिपिक कार्ड देता हैपावती दिखाने पर GPO कार्ड देता है

ऑनलाइन आवेदन: NFSA पोर्टल के उत्तराखंड पेज पर "Don't have Ration Card in Uttarakhand? Apply here online" के साथ राज्य के RCMS पोर्टल का Public Login लिंक दिया है। ऑनलाइन फॉर्म में दिक्कत हो तो नज़दीकी CSC की मदद लें।

नाम जोड़ना-हटाना, पता बदलना, रिन्यूअल और ट्रांसफर

कामक्या करेंफीस
सदस्य जोड़ना/हटाना या विवरण बदलनाफॉर्म और कागज़ शहर में DSO के लिपिक को, गांव में GPO को दें। नया सदस्य (बच्चा) जोड़ने के लिए जन्म प्रमाण पत्र; पता बदलने पर पते का प्रमाण। SI/GPO रजिस्टर से मिलान कर ज़रूरत हो तो घर आकर जांच करता है।₹5
रिन्यूअल या डुप्लीकेटप्रक्रिया नए कार्ड जैसी; पुराना कार्ड फॉर्म के साथ लगाएं। कार्ड 5 साल के लिए होता है; खत्म होने के 2 महीने में रिन्यू न किया तो रजिस्टर से नाम हट जाता है।₹5
उसी शहर/पंचायत में दुकान बदलनाDSO/GPO को आवेदन; SI/GPO रजिस्टर में FPS बदलकर नया कार्ड देता है।₹5
दूसरे शहर/पंचायत में जानापुराने इलाके के DSO (गांव में GPO) को कार्ड सौंपकर सरेंडर सर्टिफिकेट लें, फिर नए इलाके में उसी के साथ नया कार्ड बनवाएं।₹5

कार्ड की जानकारी ऑनलाइन कहां देखें

  • राशन कार्ड का विवरण: FEAST उत्तराखंड का Find RC Details पेज (NFSA पोर्टल पर दिया लिंक)।
  • ज़िलेवार कार्ड संख्या, राशन दुकान (FPS) की सूची और हक: nfsa.gov.in/State/UK पर "District-wise RC Count", "Fair Price Shop Details" और "Know Your Ration Entitlement" रिपोर्ट।
  • दुकान पर ऑनलाइन बिक्री का रिकॉर्ड: uk.dhaanyapurti.nic.in (Web Based Online FPS Sale)।

ये राज्य पोर्टल कभी-कभी धीमे खुलते हैं या बाहर से नहीं खुलते; ऐसे में थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें या DSO/BDO कार्यालय से पूछें।

राशन न मिले या दुकानदार कम दे तो शिकायत

  1. राज्य हेल्पडेस्क: 1800-180-2000 या 1800-180-4188 (NFSA पोर्टल पर दिए उत्तराखंड के नंबर)।
  2. ऑनलाइन शिकायत: PDS शिकायतों के लिए राज्य की व्यवस्था CM हेल्पलाइन उत्तराखंड है।
  3. ज़िला स्तर: अपने ज़िला पूर्ति अधिकारी (DSO) से मिलें। राज्य स्तर पर आयुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, देहरादून: 0135-2780765।
  4. केंद्र सरकार: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग का टोल-फ्री नंबर 1967।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तराखंड में नया राशन कार्ड कैसे बनवाएं?

शहर में ज़िला पूर्ति कार्यालय (DSO) और गांव में BDO कार्यालय से मुफ्त फॉर्म लें (वेबसाइट से भी डाउनलोड होता है), कागज़ लगाकर जमा करें और पावती लें। पूर्ति निरीक्षक/GPO घर आकर जांच करता है; मंज़ूरी के बाद पावती दिखाकर कार्ड लें। फीस ₹5 है। ऑनलाइन आवेदन के लिए RCMS पोर्टल (rcmspds.uk.gov.in) का Public Login है।

उत्तराखंड राशन कार्ड बनवाने की फीस कितनी है?

विभाग की वेबसाइट के अनुसार नया कार्ड, संशोधन, रिन्यूअल/डुप्लीकेट और ट्रांसफर/सरेंडर, हर सेवा की फीस ₹5 है। फॉर्म मुफ्त मिलता है।

राशन कार्ड में बच्चे का नाम कैसे जोड़ें?

संशोधन का फॉर्म भरकर बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के साथ शहर में DSO के लिपिक को या गांव में GPO को जमा करें। जांच के बाद रजिस्टर और कार्ड में नाम जुड़ जाता है। फीस ₹5।

उत्तराखंड में राशन कार्ड कितने साल के लिए होता है?

विभाग के अनुसार कार्ड 5 साल के लिए होता है। अवधि खत्म होने के बाद 2 महीने में रिन्यू न किया तो कार्ड की एंट्री रजिस्टर से हटा दी जाती है।

दूसरे ज़िले में शिफ्ट होने पर राशन कार्ड का क्या करें?

पुराने इलाके के DSO (गांव में GPO) को कार्ड सौंपकर सरेंडर सर्टिफिकेट लें और नए इलाके में उसी सर्टिफिकेट के साथ नए कार्ड का आवेदन करें।

AAY और PHH कार्ड पर कितना राशन मिलता है?

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के अनुसार AAY परिवार को 35 किलो प्रति परिवार और PHH को 5 किलो प्रति व्यक्ति हर महीने अनाज मिलता है। अपना हक NFSA पोर्टल की Know Your Ration Entitlement रिपोर्ट में देखें।

राशन न मिलने की शिकायत कहां करें?

उत्तराखंड PDS हेल्पडेस्क 1800-180-2000 / 1800-180-4188, CM हेल्पलाइन (cmhelpline.uk.gov.in), अपना ज़िला पूर्ति अधिकारी, या केंद्र का टोल-फ्री 1967।

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